मिला कर वोट मैं सब को जमाने भूल जाता हूँ
सभी को याद कर वादे निभाना भूल जाता हूँ I
+
बनाकर गीतिका प्यारी, सुनाना भूल जाता हूँ
सहजकर काव्य में तुझ को, जताना भूल जाता हूँ I
+
दिये जो जख्म उल्फत में, छुपाता हूँ सदा मैं पर I
कभी टपके जो' आँखों से, रुकाना भूल जाता हूँ I
+
हजारों में अकेला हूँ, यहाँ कोई नहीं साथी
किसी को यार कहना मैं, कहाना भूल जाता हूँ I
+
पुरानी याद के साये घिरे रहते है' मन मेरा
मगर मिलता हूँ' जब तुम से सभी कुछ भूल जाता हूँ I
- प्रकाश पटवर्धन, पुणे.
छंद - विधाता (मापनीयुक्त मात्रिक)
मापनी- 1222 1222 1222 1222.
सभी को याद कर वादे निभाना भूल जाता हूँ I
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बनाकर गीतिका प्यारी, सुनाना भूल जाता हूँ
सहजकर काव्य में तुझ को, जताना भूल जाता हूँ I
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दिये जो जख्म उल्फत में, छुपाता हूँ सदा मैं पर I
कभी टपके जो' आँखों से, रुकाना भूल जाता हूँ I
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हजारों में अकेला हूँ, यहाँ कोई नहीं साथी
किसी को यार कहना मैं, कहाना भूल जाता हूँ I
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पुरानी याद के साये घिरे रहते है' मन मेरा
मगर मिलता हूँ' जब तुम से सभी कुछ भूल जाता हूँ I
- प्रकाश पटवर्धन, पुणे.
छंद - विधाता (मापनीयुक्त मात्रिक)
मापनी- 1222 1222 1222 1222.
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